संतो की शिक्षा
संतो की शिक्षा भारत भूमि प्राचीन काल से ही संतो की जन्मभूमि रही हैं यहाँ अनेक संतों ने जन्म लिया है संतों की शिक्षा के कारण प्राचीनकाल काल में भारतीय जनता बहुत धार्मिक हुआ करती थी सब एक दूसरे के दुखों को बैठा करते थे भगवान से सब डरा करते थे ही कार्य किया करते थे लेकिन वर्तमान में नकली संतों महंतो ने शास्त्र विरुद्ध साधना बता कर भोली जनता को गुमराह कर दिया जिससे लोग भगवान से दूर होते जा रहे हैं लोगों के दिलों से प्रेम भाव खत्म होकर राग देश बढ़ गया जिससे लड़ाई झगड़े एक-दूसरे को मार काट आदि जुर्म पनप गए किसी को नहीं देखते यह कौन है देखते हैं तो सिर्फ माया पैसा और अपना स्वार्थ यह सब ज्ञान के अभाव में हुआ है नकली संतों ने सिर्फ आडंबर कर कर दुनिया को बेकार रखा है इनको भोली भाली जनता को फंसा कर ठगी करने से काम है सिर्फ गले में बड़ी-बड़ी माला है सिर पर जटा और धूनी रमाने से संत नही बन जाते है...